Sunday, March 3, 2024

विजुअल बेसिक कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट पार्ट-4 | Visual Basic Component Object – Best Info

Table of Contents

विजुअल बेसिक कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट पार्ट क्या होतें हैं एवं उपयोग – कॉम, कॉम+, डॉट नेट तथा ओ.एल.ई. | COM, COM+, .NET and OLE

विजुअल बेसिक कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट पार्ट – कॉम, कॉम+, डॉट नेट तथा ओ.एल.ई.परिचय (Introduction) – इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप यदि पहले से विजुअल बेसिक प्रोग्रामर है तो यह जान जायेंगे कि विजुअल बेसिक में किया गया कोड संग्रह व्यर्थ नहीं जाने वाला है। इस लेख में कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट मॉडल, कॉम+, डॉट नेट, ओ.एल.ई को विस्तार से रोचकपूर्वक समझाया गया है।

इस पार्ट में हम जानेंगे – कॉम कम्पोनेण्ट का उपयोग करने के लिए कोड जोड़ना, कॉम कम्पोनेण्ट को सीधे-सीधे उपयोग करना (Using the COM Component Directly), कॉम कम्पोनेण्ट का उपयोग करने के लिए कोड को जोड़ना, यूजर कण्ट्रोलज (User Controls), ऑब्जेक्ट लिकिंग एण्ड इम्बेडिंग (Object Linking And Embedding), माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के साथ इंटरफेस करना (Interfacing With Microsoft Office) के बारे में

कॉम कम्पोनेण्ट का उपयोग करने के लिए कोड को जोड़ना (Adding Code to Use the Com Component)

अब आप कोड को लिखने के लिए तैयार हैं जो Temperature क्लास के मेथड, प्रॉपर्टी तथा इवेण्ट का उपयोग करता है। इसके लिए View तथा Code का चयन करें तथा इस कोड को लिखें –
Private WithEvents moTemp As PhysServer.Temperature
Private Sub btnConvertToC_Click (ByVal sender As System. Object, ByVal e As_
System.EventArgs) Handles btnConvertToC.Click
lblBelowFreezing.Visible = False
lblAboveBoiling.Visible =False
With moTemp
.Fahrenheit = txtFahrenheit.Text
txtCelsius. Text = GetCelsius

End with
End Sub

Private Sub btnConvertToF_Click(ByVal Sender As System. Object, ByVal e As System. EventArgs)_
Handles btnConvertToF.Click
lblBelowFreezing.Visible =False
lblAboveBoiling.Visible=False
With no Temp
.Celsius = txtCelsius. Text
txtFahrenheit.Text = .GetFahrenheit
End With
Private Sub frm Temperature_Load(ByVal Sender As System Object,
ByVal e As System.EventArgs) Handles MyBase.Load
moTemp = New PhysServer.Temperature() 

End Sub

Private Sub mo Temp_Above Boiling0 Handles moTemp. Above Boiling
TblAboveBoiling. Visible = True
End Sub
Private Sub moTemp BelowFreezing0 Handles moTemp.BelowFreezing
IblBelow Freezing. Visible = True
End Sub

नोट : लायब्रेरी के नाम के अपवाद के साथ यह वही कोड है जो आपने PhysServerTest प्रोजेक्ट के पहले संस्करण में उपयोग किया था।
Temperature क्लास को कार्य करवाने के लिए F5 की दबाकर प्रोजेक्ट को शुरू करें।
Fahrenheit टेक्स्ट बॉक्स में 77 टाइप करें तथा Convert to C को क्लिक करें। Celsius बॉक्स में 25 दिखेगा।
इसी प्रकार Celsius बॉक्स में 17 प्रविष्ट करें तथा Convert to F क्लिक करें। Fahrenheit बॉक्स में 14 दिखेगा तथा Below Freezing लेबल हाइलाइट हो जायेगा।

विजुअल बेसिक कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट पार्ट एवं उपयोग – कॉम, कॉम+, डॉट नेट तथा ओ.एल.ई. | COM, COM+, .NET and OLE

विजुअल बेसिक कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट पार्ट क्या होतें हैं एवं उपयोग - कॉम, कॉम+, डॉट नेट तथा ओ.एल.ई. | COM, COM+, .NET and OLE
विजुअल बेसिक कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट पार्ट क्या होतें हैं एवं उपयोग – कॉम, कॉम+, डॉट नेट तथा ओ.एल.ई. | COM, COM+, .NET and OLE

यूजर कण्ट्रोलज (User Controls)

यूजर कण्ट्रोल वैसे कण्ट्रोल होते हैं, जिन्हें यूजर द्वारा बनाए जाते हैं तथा वे System. Windows. Forms.User Control क्लास पर आधारित होते हैं। स्टैण्डर्ड कण्ट्रोल की तरह ही यूजर कण्ट्रोलस प्रॉपर्टी, मेथड तथा इवेण्ट को सपोर्ट करते हैं। एक बार यूजर कंट्रोल बन जाने के बाद यह किसी एक फॉर्म पर या कई फॉर्म पर अन्य कण्ट्रोल की तरह ही जोड़े जा सकते हैं।

यह भी देखें :  माइक्रोसॉफ्ट कीबोर्ड शॉर्टकट | Best Microsoft Keyboard Shortcuts

1- यूजर कण्ट्रोल बनाना (Creating a user Control) – यूजर कण्ट्रोल बनाने के लिए निम्न पदों का अनुसरण करें –

  • विजुअल स्टूडियो खोलें।
  • File → New Project… का चयन कर New Project डायलॉग बॉक्स को खोलें।
  • स्क्रीन के बायीं ओर Project Types: से Windows Applications का चयन करें तथा Templates से Windows Control Library का चयन करें। Name टेक्स्ट बॉक्स में WindowsControlLibrary1 रहने दें यह वी.बी. डॉट नेट द्वारा दिया जाने वाले डिफॉल्ट नाम है।
  • OK क्लिक करें। इसके बाद आपको फॉर्म डिज़ायनर दिखेगा।
  • यह कुछ बॉर्डर रहित फॉर्म की तरह दिखता है। इस पर एक लेबल तथा एक टेक्स्टबॉक्स टूलबॉक्स से जोड़ें। 
  • उसके बाद फॉर्म को दो बार क्लिक करें और Public Class UserControl1 तथा End Class के मध्य इस कोड को टाइप करें –


Public Property sanText() As String
Get
san Text = TextBox 1. Text
End Get
Set (ByVal value As String)
TextBox1.Text = value
End Set
End Property
Public Property sanLbl() As String
Get

sanLbl = Label1. Text
End Get
Set(ByVal value As String )
Label1.Text = value

End Set

End Property

उपरोक्त कोड प्रॉपर्टी get तथा प्रॉपर्टी set युग्म के साथ sanText() तथा sanLbl प्रॉपर्टी को लागू करता है। एक बार कोड टाइपिंग हो जाने के बाद Build → Build Solution का उपयोग कर .dll (डायनमिक लिंक लायब्रेरी) फाइल बनाने के लिए सॉल्यूशन बनाएँ जिसे हमें इंगित करना है। dill फाइल इस यूजर कंट्रोल को अन्य प्रोजेक्ट के लिए भी उपलब्ध कराता है। सॉल्यूशन निर्माण समाप्त होने के बाद हमें इस यूजर कंट्रोल को टूलबॉक्स में जोड़कर अन्य प्रोजेक्ट तथा फॉर्म के लिए इसको उपलब्ध कराना होता है। इसे करने के लिए एक नया विण्डोज़ फॉर्म खोलें या पहले से उपलब्ध फॉर्म को ही रहने दें। टूलबॉक्स के Windows Form टैब खण्ड में दायाँ क्लिक करें।

  • पॉप अप मेन्यू से Choose Items… को क्लिक करें। परिणामस्वरूप Choose Toolbox Items डायलॉग बॉक्स खुलेगा।
  • इस डायलॉग बॉक्स में .Net Framework Components को क्लिक करें, जो एक सूची को डिस्प्ले करता है। Browse को क्लिक करें। तदुपरांत Open डायलॉग बॉक्स खुलेगा। प्रोजेक्ट फोल्डर के Bin फोल्डर में उस WindowsControlLibrary1.dll फाइल को लोकेट करें जिसे अभी-अभी बनाया गया है तथा Open को क्लिक करें।
  • उसके बाद आप देखेंगे कि जो आपने अभी यूजर कंट्रोल (UserControl1) बनाया है वह .NET Framework Components के द्वारा प्रदर्शित सूची में जुड़ गया है। उसका चयन करें तथा OK क्लिक करें। उसके बाद वह यूजर कंट्रोल (UserControl1)। टूलबॉक्स में जुड़ जाता है। अब इस कंट्रोल का उपयोग अन्य कंट्रोल की ही तरह टूलबॉक्स में किया जा सकता है। 

2- यूजर कंट्रोल का उपयोग करना (Using the User Control) – UserControll नाम से जो अभी हमने यूजर कंट्रोल बनाया, उसे किसी अन्य कंट्रोल की तरह ही किसी भी फॉर्म पर जोड़ा जा सकता है। इसे देखने के लिए यह करें –

  • विण्डोज़ फॉर्म खोलें तथा फॉर्म पर इसे जोड़ने के लिए टूलबॉक्स पर उस यूजर कंट्रोल को दो बार क्लिक करें।
  • Button1 को दो बार क्लिक करें तथा Buttonl_Click इवेण्ट हैण्डलर में इस कोड को लिखें –
    Private Sub Butonl_Click (ByVal Sender As System.Object, ByVal e As_
    System.EventArgs) Handles Button1.Click
    MessageBox.Show (“TextBox1” & UserControll.sanText())
    MessageBox.Show (“Labell” & UserControll.sanLbl()) 

End Sub

  • प्रोग्राम को F5 दबाकर रन करें। टेक्स्ट बॉक्स में टेक्स्ट डालें। जब आप बटन को क्लिक करते हैं, तो टेक्स्ट बॉक्स में प्रविष्ट टेक्स्ट संदेश बॉक्स में प्रकट होता है। अब आप समझ गये होंगे कि यूजर कंट्रोल को बनाने के बाद इसे किस प्रकार उपयोग करते हैं।

ऑब्जेक्ट लिंकिंग एण्ड इम्बेडिंग (Object Linking And Embedding)

ऑब्जेक्ट लिकिंग एण्ड इम्बेडिंग को संक्षेप में ओ.एल.ई. से जाना जाता है। ओ.एल.ई. माइक्रोसॉफ्ट द्वारा (विण्डोज 3.1 से ही) विकसित एक फ्रेमवर्क है जिसकी सहायता से आप एक एप्लिकेशन के डॉक्यूमेण्ट से ऑब्जेक्ट लेकर दूसरे में उन्हें स्थित कर सकते है। उदाहरण के लिए आप फोटो संपादन प्रोग्राम से इमेज को किसी वर्ड प्रोसेसिंग डॉक्यूमेण्ट में मूव कर सकते हैं।

यह भी देखें :  Computer Network Kya Hai | Best कंप्यूटर नेटवर्किंग इन हिंदी

ओ.एल.ई. को प्रारम्भ में कम्पाउण्ड डॉक्यूमेण्ट्स के मध्य अथवा वैसे डॉक्यूमेण्ट जो कई प्रकार के डाटा को सपोर्ट करते हैं के मध्य ऑब्जेक्ट को लिंक करने के लिए बनाया गया था। माइक्रोसॉफ्ट ने तब से ओ.एल.ई. को एक व्यापक स्टैण्डर्ड में बदल दिया है जो कॉम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट मॉडल (Component Object Model) या कॉम के नाम से जाना जाता है। कॉम को मैक, यूनिक्स तथा विण्डोज सिस्टम द्वारा सपोर्ट किया जाता है।

यद्यपि इसे प्राथमिक रूप से माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज के साथ ही उपयोग किया जाता है। कॉम फ्रेमवर्क एक्टिव एक्स का फाउण्डेशन होता है जो वेब के लिए इंटरएक्टिव सामग्री बनाने में सहायता करता है। जब आप किसी ऑब्जेक्ट को एक एप्लिकेशन (मूल) से किसी अन्य एप्लिकेशन (गंतव्य) में लिंक करते हैं तो दोनों एप्लिकेशन के मध्य एक संबंध स्थापित रहता है तथा मूल ऑब्जेक्ट में हुए बदलाव लिंक्ड ऑब्जेक्ट में भी प्रकट होते हैं।

परन्तु जब आप किसी ऑब्जेक्ट को एक एप्लिकेशन से दूसरे एप्लिकेशन में इम्बेड करते हैं तो यह मात्र उस ऑब्जेक्ट की एक कॉपी होती है। तथा इम्बेडेड ऑब्जेक्ट में किये गये बदलाव केवल उसी एप्लिकेशन में ही रहते हैं। इम्बेडेड ऑब्जेक्ट में हुए संशोधन या मूल ऑब्जेक्ट में हुए संशोधन एक दूसरे को प्रभावित नहीं करते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के साथ इंटरफेस करना (Interfacing With Microsoft Office)

आपके एप्लिकेशन को यदि माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के किसी सदस्य यथा माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल को जोड़ने की आवश्यकता है तो यह आप बहुत सहज तरीके से डिजायन समय तथा कोड दोनों के माध्यम से कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप अपने फॉर्म पर एक्सेल स्प्रेडशीट को जोड़ना चाहते हैं तो इन पदों का अनुसरण करें-

  1. File मेन्यू से New Project… का चयन करें या विकल्प के रूप में CTRL+N दबाएँ।
  2. तत्पश्चात् New Project डायलॉग बॉक्स प्रकट होगा। Project types: से Visual Basic तथा Templates: से
  3. Windows Application का चयन करें। Name टेक्स्ट बॉक्स में डिफॉल्ट नाम रहने दे। तथा OK को क्लिक करें।
  4. उसके बाद फॉर्म डिजायनर दिखेगा।
  5. अब एक्सेल स्प्रेडशीट को फॉर्म पर जोड़ने के लिए Tools मेन्यू से Choose Toolbox Items… का चयन करे।
  6. तत्पश्चात् Choose Toolbox Items डायलॉग बॉक्स दिखेगा।
  7. Choose Toolbox Items डायलॉग बॉक्स से COM Components टैब का चयन करें। तथा Microsoft Office SpreadSheet 10.0 चेकबॉक्स को क्लिक करें। तथा OK को क्लिक करें।
  8. उसके बाद आप देखेंगे कि टूलबॉक्स पर General के अंदर Microsoft Office Spreadsheet कंट्रोल जुड़ जायेगा।
  9. अब आप किसी भी सामान्य कंट्रोल की तरह इसे फॉर्म पर जोड़ने के लिए दो बार क्लिक करें। इसे फॉर्म पर स्प्रेडशीट को रखे। तथा रन करने के पश्चात् यह पूरे फॉर्म पर फैला रहे इसके Anchor प्रॉपर्टी को Top, Left Right, Bottom सेट करें।
  10. F5 दबाकर इसे रन करें। आप देखेंगे कि फॉर्म पूरा एक स्प्रेडशीट में बदल गया। इस पर आप वह सब कार्य कर सकते
    हैं जो एक स्प्रेडशीट में करते हैं।

आज आपने क्या सीखा (What Did You Learn Today)

  1. कॉम का पूर्ण रूप कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट मॉडल (Component Object Model) होता है। यह माइक्रोसॉफ्ट प्रौद्योगिकी है। इसका उपयोग माइक्रोसॉफ्ट विण्डोज परिवार के ऑपरेटिंग सिस्टम में सॉफ्टवेयर कम्पोनेन्ट के साथ कम्यूनिकेट करने में होता है।
  2. कॉम का उपयोग विकासकर्ताओं के द्वारा रि-यूजेबल सॉफ्टवेयर कम्पोनेण्टस (reusable software components) को बनाने, एप्लिकेशनों को बनाने में, इन कम्पोनेन्ट्स को लिंक करने में तथा विण्डोज सेवाओं के लाभ को प्राप्त करने में होता है। कॉम ऑब्जेक्ट्स कई प्रकार के प्रोग्रामिंग भाषाओं के साथ बनाये जा सकते हैं।
  3. सी++ जैसी ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड भाषाएँ ऐसी प्रोग्रामिंग मैकेनिज्म उपलब्ध कराते हैं जो कॉम ऑब्जेक्ट के कार्यान्वयन को सरल बनाते हैं।
  4. कॉम प्रौद्योगिकी के परिवार में कॉम+, डिस्ट्रीब्यूटेड कॉम (DCOM) तथा एक्टिवएक्स (ActiveX) कंट्रोल शामिल है
  5. माइक्रोसॉफ्ट डायरेक्ट शो (Direct Show), मीडिया फाउण्डेशन (Media Foundation), पैकेजिंग ए.पी.आई. (Packaging API), विण्डोज एनिमेशन प्रबंधक (Windows Animation Manager), विण्डोज पोर्टेबल डिवाइसेज (Windows Portable Devices) तथा माइक्रोसॉफ्ट एक्टिव डायरेक्ट्री (Microsoft Active Directory) जैसे कई विण्डोज एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेसेज़ के लिए कॉम इंटरफेसेज उपलब्ध कराता है।
  6. कॉम का उपयोग माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस परिवार के उत्पादों जैसे एप्लिकेशनों में होता है। उदाहरण के लिए कॉम ओ. एल. ई. (Com OLE) प्रौद्योगिकी वर्ड डॉक्यूमेन्ट्स को एक्सेल स्प्रेडशीट के डाटा को डायनामिक रूप से (dynamically) लिंक करने की अनुमति देते हैं तथा कॉम ऑटोमेशन यूजर को एक ही टास्क को बार-बार करने के लिए अथवा एक एप्लिकेशन से किसी दूसरे एप्लिकेशन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एप्लिकेशनों में स्क्रिप्टस बनाने की अनुमति देते हैं।
  7. कॉम+ कॉम आधारित सेवाओं तथा प्रौद्योगिकियों का नाम है। यह सबसे पहले विण्डोज 2000 में रिलीज किया गया। कॉम+ कॉम कम्पोनेन्ट्स की प्रौद्योगिकी तथा माइक्रोसॉफ्ट ट्रांजैक्शन सर्वर (Microsoft Transaction Server) के एप्लिकेशन होस्ट को एक साथ लेकर आया।
  8. कॉम+ रिसोर्स पूलिंग (resources pooling), असंयोजित एप्लिकेशनों (disconnected applications), इवेण्ट प्रकाशन (event publication) तथा सब्सक्रिप्शन (Subscription) तथा डिस्ट्रिब्यूटेड ट्रांजेक्शन्स (distributed transaction) जैसे प्रोग्रामिंग कार्यों को स्वयं हैण्डल करता है।
  9. कॉम+ माइक्रोसॉफ्ट कम्पोनेण्ट ऑब्जेक्ट मॉडल (Microsoft Component Object Model) तथा माइक्रोसॉफ्ट ट्रांजैक्शन्स सर्वर (Microsoft Transactions Server) का विकसित रूप है। कॉम+ कॉम, एम.टी.एस. तथा अन्य कॉम आधारित प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर लिखे गये एप्लिकेशनों को विकसित तथा विस्तृत करता है।
  10. कॉम+ कई रिसोर्स प्रबंधन कार्यों (resource management tasks) तथा थ्रेड आवंटन (thread allocation), सुरक्षा (security) इत्यादि स्वयं हैण्डल करता है, जिसके लिए पहले आप को प्रोग्राम करना पड़ता था। कॉम+ आपके एप्लिकेशनों को थ्रेड पूलिंग (thread pooling), ऑब्जेक्ट पूलिंग (object pooling) तथा जस्ट इन टाइम एक्टिवेशन उपलब्ध कराकर अधिक स्केलेबल (scalable) बनाता है।
  11. कॉम+, ट्रांजैक्शन सपोर्ट (transaction support) प्रदान कर आप के डाटा की अखण्डता की सुरक्षा में सहायक होता है तब भी जब नेटवर्क पर एक से अधिक डाटाबेस पर ऑपरेशन हो रहा होता है।
  12. कॉम+ का उपयोग विण्डोज के लिए इंटरप्राइज स्तर, मिशन क्रिटिकल, डिस्ट्रीब्यूटेड एप्लिकेशनों का निर्माण करने में किया जा सकता है।
  13. कॉम+ को मुख्य रूप से माइक्रोसॉफ्ट विजुअल सी++ तथा माइक्रोसॉफ्ट विजुअल बेसिक विकासकर्त्ताओं के लिए डिजायन किया गया है।
  14. कॉम+ 1.0 संस्करण विण्डोज 2000 में सम्मिलित किया गया था तथा कॉम+1.5 संस्करण को विण्डोज एक्स. तथा विण्डोज सर्वर 2003 तथा उनके बाद के ऑपरेटिंग सिस्टमों में सम्मिलित किया गया है। 
  15. ऑब्जेक्ट लिंकिंग एण्ड इम्बेडिंग को संक्षेप में ओ.एल.ई. से जाना जाता ओ.एल.ई. माइक्रोसॉफ्ट द्वारा (विण्डोज 3.1 से ही) विकसित एक फ्रेमवर्क है जिसकी सहायता से आप एक एप्लिकेशन के डॉक्यूमेण्ट से ऑब्जेक्ट लेकर दूसरे में उन्हें स्थित कर सकते है। उदाहरण के लिए आप फोटो संपादन प्रोग्राम से इमेज को किसी वर्ड प्रोसेसिंग डॉक्यूमेण्ट में मूव कर सकते हैं।
  16. जब आप किसी ऑब्जेक्ट को एक एप्लिकेशन (मूल) से किसी अन्य एप्लिकेशन (गंतव्य) में लिंक करते हैं तो दोनों एप्लिकेशन के मध्य एक संबंध स्थापित रहता है तथा मूल ऑब्जेक्ट में हुए बदलाव लिंक्ड ऑब्जेक्ट में भी प्रकट होते हैं।
  17. कोड जो डॉट नेट कॉमन लैंग्वेज रनटाइम (Common Language Runtime) के अंदर ऑपरेट होते हैं, पैनेजड कोड (managed code) कहे जाते हैं। इन कोड को सी. एल. आर. की सेवाओं यथा क्रॉस भाषा इंटिग्रेशन, सिक्यूरिटी तथा वर्जनिंग सपोर्ट, गारबेज संकलन का सीधा एक्सेस प्राप्त होता है।
  18. कोड जो सी. एल. आर. के अंदर ऑपरेट नहीं होते, अनमैनेजड कोड (unmanaged code) कहलाते हैं। क्योंकि कॉम को सी. एल. आर के अस्तित्व में आने से पहले डिज़ायन किया गया था, कॉम कोड सी. एल. आर के द्वारा प्रदान किये गये इन्फ्रास्ट्रक्चर के अंदर ऑपरेट नहीं होते हैं। ये सी. एल. आर के किसी भी सेवा का उपयोग नहीं कर सकते हैं। परिभाषा के अनुसार आपके सभी कॉम कम्पोनेन्टस अनमैनेज्ड् कोड होते हैं।
  19. मैनेजड कोड कम्पोनेन्ट्स केवल सी. एल. आर पर निर्भर ही नहीं रहते, बल्कि उन्हें उन कम्पोनेन्ट की थी आवश्यकता पड़ती है, जिसके साथ वे सी. एल. आर. पर निर्भर रहने के लिए इंटरएक्ट भी करते हैं। क्योंकि कॉम कम्पोनेण्ट्स सी. एल. आर. के अंदर ऑपरेट नहीं होते, वे मैनेज्ड कोड कम्पोनेण्ट्स को सीधे-सीधे कॉल करने में सक्षम नहीं होते हैं। अनमैनेज्ड कोड मैनेजड कम्पोनेन्ट्स को सीधे-सीधे कॉल करने के लिए सी. एल. आर. में नहीं पहुँच सकते। इस परिस्थिति से बाहर आने के लिए प्रॉक्सी (proxy) का उपयोग होता है।
  20. विजुअल स्टूडियो कई महत्वपूर्ण टूल्स में कमाण्ड प्रॉम्प्ट टूल भी उपलब्ध कराता है। आप कई महत्वपूर्ण कार्य इसकी सहायता से कर सकते हैं। इसको खोलने के Start को क्लिक करें। All Programs को इंगित करें। Microsoft Visual Studio 2005 को इंगित करें। Visual Studio Tools को इंगित करे तथा Visual Studio 2005 Command Prompt का चयन करें।
  21. यूजर कण्ट्रोल वैसे कण्ट्रोल होते हैं, जिन्हें यूजर द्वारा बनाए जाते हैं तथा वे System. Windows. Forms, User Control
  22. क्लास पर आधारित होते हैं। स्टैण्डर्ड कण्ट्रोल की तरह ही यूजर कण्ट्रोलस प्रॉपर्टी, मेथड तथा इवेण्ट को सपोर्ट करते हैं। एक बार यूजर कंट्रोल बन जाने के बाद यह किसी एक फॉर्म पर या कई फॉर्म पर अन्य कण्ट्रोल की तरह ही जोड़े जा सकते हैं।
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Suraj Kushwaha
Suraj Kushwahahttp://techshindi.com
हैलो दोस्तों, मेरा नाम सूरज कुशवाहा है मै यह ब्लॉग मुख्य रूप से हिंदी में पाठकों को विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर टेक्नोलॉजी पर आधारित दिलचस्प पाठ्य सामग्री प्रदान करने के लिए बनाया है।

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