मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं | Computer Capabilities and Limitations in Human Life- Best Info in Hindi

मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं | Computer Capabilities and Limitations in Human Life

मानव जीवन में कम्प्यूटर | Computer In Human Life – मानव जीवन में कम्प्यूटर ने अपना एक विशेष स्थान बना लिया है। आज समाज का लगभग हर मनुष्य कम्प्यूटर को किसी ना किसी रूप में प्रयोग कर रहा है। हर स्कूल में आज कम्प्यूटर सिखाया जा रहा है। देश का कोई भी विभाग कम्प्यूटर से अछूता नहीं रहा है। बिना कम्प्यूटर के सारे विभाग ठप्प पड़ जाएंगे। टेलीफोन व्यवस्था, टी.वी., उपग्रह, बैंक, रेलवे बुकिंग आदि सभी कम्प्यूटरीकृत हो गये हैं।

कम्प्यूटर की सीमाएं | Computer Limitations

कम्प्यूटर के अनेक लाभ हैं तो इसमें कुछ कमियां भी हैं। जिस तरह हर मानव की सीमाएं होती है उसी तरह कम्प्यूटर की भी सीमाएं हैं। कम्प्यूटर को सही प्रकार कार्य कर सके, इसके लिए एक निश्चित तापमान (15°C से 35°C के । मध्य) की आवश्यकता होती है। इस तापमान सीमा से अधिक अथवा कम तापमान होने की स्थिति में कम्प्यूटर उचित प्रकार से कार्य नहीं करेगा। मानव जीवन में कम्प्यूटर -मानव के समान कम्प्यूटर कठिनाई अथवा अवांछनीय परिस्थितियों में स्वयं को उनके अनुरूप नहीं ढाल सकता।

कम्प्यूटर में स्वयं सोचने-समझने की क्षमता नहीं होती। वह केवल प्रयोगकर्ता के दिये गये निर्देशों के आधार पर ही परिणाम प्रस्तुत कर देता है। कम्प्यूटर अपनी क्षमता से बाहर के कार्यों के लिये निर्देशों का पालन नहीं करता और त्रुटिपूर्ण परिणाम देता है। कम्प्यूटर प्रत्येक कार्य को एक कार्य-प्रणाली के अन्तर्गत करता है। प्रत्येक कार्य के लिये निर्देशों का एक निश्चित क्रम होता है। यदि इस क्रम में कोई भी निर्देश अपनी निर्धारित स्थिति पर नहीं होता तो कम्प्यूटर परिणाम या तो देगा ही नहीं और अगर देगा तो त्रुटिपूर्ण।

मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं | Computer Capabilities and Limitations in Human Life- Best Info in Hindi
मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं | Computer Capabilities and Limitations in Human Life- Best Info in Hindi

मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं

कम्प्यूटर के उपयोग (Applications of Computers)

आज कम्प्यूटर की सहायता से वे सभी कार्य अत्यन्त सरलता से अल्प समय में ही किए जा सकते हैं, जिनको करने में पहले बहुत अधिक परेशानी तथा अत्यधिक समय व्यर्थ करना होता था। कम्प्यूटर द्वारा प्रत्येक वह कार्य किया जा सकता है, जिसकी कल्पना की जा सकती है। आजकल कम्प्यूटर जीवन के समस्त क्षेत्रों में उपयोगी है। कम्प्यूटर के कुछ प्रमुख अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं-

घर तथा व्यक्तिगत कार्यों में कम्प्यूटर | Computer For Home And Personal Work —आज अनेक व्यक्तियों के घरों में कम्प्यूटर पहुंच चुका है। सामान्य व्यक्ति कम्प्यूटर की घर में उपस्थिति बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक उपकरण के रूप में उचित ठहराते हैं। परन्तु ये केवल शुरूआत ही है। आजकल पर्सनल कम्प्यूटर का प्रयोग घरों में बजट तैयार करने, पत्र-व्यवहार करने, विभिन्न रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने तथा इन्टरनेट के प्रयोग से विभिन्न नई-नई सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।

मानव जीवन में कम्प्यूटर – इसके साथ-साथ एयरकन्डीशन का नियन्त्रण करने, टेलीफोन कॉल्स का स्वतः ही उत्तर देने तथा घरों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कम्प्यूटर का प्रयोग चमत्कारिक रूप से किया जा रहा है। सन् 1970 में विकसित किए गए माइक्रो कम्प्यूटर के विभिन्न छोटे आकार और सुविधाजनक मॉडल व्यक्तिगत कार्यों के लिए घरों में स्थापित किए जा रहे हैं। रसोईघर में इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसर और मेमोरी युक्त माइक्रोवेव ओवन (Microwave Oven) का प्रयोग उच्चवर्ग तथा उच्च-मध्यम वर्ग के घरों में होने लगा है। मानव जीवन में कम्प्यूटर साधन-सम्पन्न व्यक्तियों में आजकल अपने घरों को कम्प्यूटर-नियन्त्रित बनवाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है।

मानव जीवन में कम्प्यूटर – दरवाजे पर घण्टी बजते ही, मेहमान की पहचान करना, निर्धारित समय पर किसी विशेष कार्य को याद दिलाना, लॉन (Lawn) में पानी देना आदि कार्य इसके द्वारा किए जा सकते हैं। ये स्वतः ही घर का तापमान भी नियन्त्रित रखते हैं। मानव जीवन में कम्प्यूटर आधुनिक एवं सुविधा सम्पन्न घरों में कम्प्यूटर द्वारा संचालित रोबोट को घरेलू नौकर के रूप में भी उपयोग में लाया जा रहा है। स्मॉल वण्डर नामक एक टैली सीरियल में एक ऐसे रोबोट की कल्पना की जो कि एक बच्ची की भांति व्यवहार करता है।


कृषि में कम्प्यूटर | Computer In Agriculture – आधुनिक कृषि में छोटे कम्प्यूटर्स का प्रयोग किया जा रहा है। किसान इन कम्प्यूटर्स का प्रयोग फसल सूचना, प्रति एकड़ लागत तथा खाद-बीज आदि की लागत जानने के लिए कर रहे हैं। मानव जीवन में कम्प्यूटर हमारे देश में उत्पादक ने खेतों में खाद डालने के सही समय का पता लगाने में कम्प्यूटर का प्रयोग करके अपनी वार्षिक आय में लगभग दस प्रतिशत की वृद्धि की।

शिक्षा में कम्प्यूटर | Computer In Education – आधुनिक शिक्षा में कम्प्यूटर का प्रयोग निरन्तर विस्तार पर है। यदि यह कहा जाए कि कम्प्यूटर तथा शिक्षा आज एक-दूसरे के पूरक हैं, मानव जीवन में कम्प्यूटर तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। शिक्षा में कम्प्यूटर का उपयोग निम्नलिखित तीन प्रकार से किया जा रहा है


कम्प्यूटर के बारे में जानकारी प्राप्त करना | Getting Information About Computer – आजकल यदि कोई व्यक्ति कम्प्यूटर के बारे में जानता है, उसे चलाना तथा उस पर वांछित कार्य करना जानता है, तो उसे किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान में अच्छी नौकरी मिलने की सम्भावना अधिक होती है। कम्प्यूटर के अनेक विषयों; जैसे-कम्प्यूटर विज्ञान, कम्प्यूटर सूचना-प्रणाली, कम्प्यूटर की प्रोग्रामिंग करना, इन्टरनेट, ई-कॉमर्स, ई-बिजनेस आदि का अध्ययन किया जा सकता है।

कम्प्यूटर के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करना | Learning Through Computer – कम्प्यूटर का प्रयोग एक शिक्षक के रूप में किया जा सकता है। कम्प्यूटर असिस्टेड इन्सट्रक्शन अर्थात् CAI एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो कम्प्यूटर को एक शिक्षक का रूप देता है। उदाहरण के लिए विद्यार्थी कम्प्यूटर में CAI सॉफ्टवेयर में बीजगणित का अध्ययन करता है तो यह विद्यार्थी को मॉनीटर स्क्रीन पर बीजगणित का एक प्रश्न हल करने के लिए प्रदर्शित करेगा, यदि विद्यार्थी उस प्रश्न को सही हल करता है तो यह सॉफ्टवेयर विद्यार्थी को अगला सवाल हल करने के लिए मॉनीटर स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है और यदि विद्यार्थी ने प्रश्न को गलत हल किया है,

तो यह मॉनीटर स्क्रीन पर उस प्रश्न को सही प्रकार हल करके प्रदर्शित करता है, और पुनः विद्यार्थी के समक्ष उस प्रश्न के समान ही कोई अन्य प्रश्न मॉनीटर स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाता है। विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए अनेक एनसाइक्लोपीडियाज़ सीडी के रूप में उपलब्ध हैं। इनमें से वांछित जानकारी प्राप्त करने का कार्य अत्यन्त अल्प समय में हो सकता है। मानव जीवन में कम्प्यूटर विभिन्न सॉफ्टवेयर्स एवं सीडीज़ के द्वारा विद्यार्थी कम्प्यूटर पर पुस्तकों का अध्ययन भी कर सकते हैं।


मनोरंजन में कम्प्यूटर | Computer In Entertainment – मनोरंजन के साधनों में खेल, कला, संगीत तथा फिल्में ही आती हैं। कम्प्यूटर पर हम अनेक प्रकार के मनोरंजक और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करने वाले खेलों का आनन्द ले सकते हैं। मानव जीवन में कम्प्यूटर जैसे – फ्रेड फीडेल नामक वैज्ञानिक ने शतरंज खेलने वाला एक अद्भुत कम्प्यूटर ‘फ्रिट्स-3’ बनाया, जो कि तेज गति से शतरंज खेलने की क्षमता रखता है।

यह कम्प्यूटर जब शतरंज खेलता है, तो अगली कुछ चालों में की सारी स्थितियों का अनुमान लगा लेता था। कोई शतरंज खिलाड़ी आगे की कितनी चालों पर गौर कर सकता है, यह उसकी एक साथ अनेक स्थितियों की जानकारी रखने की क्षमता पर निर्भर करता वर्तमान में फिल्मों में विशेष प्रभावों के लिए कम्प्यूटर का ही प्रयोग किया जाता है।

पहले फिल्म को बनाते समय ही कैमरे के लैंस के साथ विभिन्न फिल्टर्स का प्रयोग किया जाता था, परन्तु अब यह कार्य पोस्ट प्रोडेक्शन के समय अर्थात् फिल्म की एडिटिंग के समय भी किया जा सकता है। कम्प्यूटर से फिल्मों में अनेक फोटोग्राफिक प्रभाव, संगीत प्रभाव, एक्शन प्रभाव आदि को उत्पन्न किया जा सकता है। कम्प्यूटर में मल्टीमीडिया (Multimedia) तकनीक की सुविधा से काल्पनिक और यह दृश्य भी जीवंत-से लगते हैं। संगीत के क्षेत्र में आजकल आधुनिक वाद्य यंत्र इलैक्ट्रॉनिक सिंथेसाइजर (Electronic Synthesizer) अत्यन्त लोकप्रिय है।

आजकल अनेक एल्बम्स में केवल इसी एकमात्र वाद्य यंत्र की सहायता से अधिकांश वाद्य यंत्रों का कार्य ले लिया जाता है। यह वाद्य यंत्र आवाज रिकॉर्ड करता है तथा पुरानी धुनों को मेमोरी (Memory) में से देता है। कम्प्यूटर की सहायता से विभिन्न वाद्ययंत्रों की धुनें इस वाद्य यंत्र द्वारा कृत्रिम रूप से तैयार की जा सकती हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी में कम्प्यूटर | Computer In Information Technology – कम्प्यूटर के विस्तार से एक नई प्रोद्योगिकी का प्रादुर्भाव हुआ है जिसे सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) के नाम से जाना जाता है। इस प्रौद्योगिकी में इन्टरनेट (Internet) का विशेष महत्व है। इन्टरनेट कम्प्यूटर का अन्तर्राष्ट्रीय नेटवर्क है। सम्पूर्ण विश्व के अनेक कम्प्यूटर्स इन्टरनेट के नेटवर्क से जुड़े होते हैं और कहीं से भी घर में बैठे-बैठे अपने कम्प्यूटर से विभिन्न विषयों, जैसे-राजनीति, खेल, सिनेमा, संगीत, स्वास्थ्य, चिकित्सा,विज्ञान, कला-संस्कृति आदि पर वांछित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इन्टरनेट पर लगभग सभी विषयों पर विविध जानकारियां उपलब्ध हैं। इन्टरनेट पर वांछित विषय के लिए आवश्यक वेबसाइट को चुनने के लिए सर्च इंजन्स (Search Engines) का प्रयोग किया जाता है। ये सॉफ्टवेयर्स इन्टरनेट पर ही उपलब्ध होते हैं। प्रमुख सर्च इंजन्स (Search Engines) हैं- google.comyahoo.comkhoj.com, आदि। सभी वेबसाइट्स के नाम से पहले अंग्रेजी के तीन अक्षर www अवश्य होते हैं, इनका अर्थ है-‘वर्ल्ड वाइड वेब’ (World Wide Web)। आने वाले समय के व्यवसाय में इन्टरनेट का महत्वपूर्ण योगदान होने जा रहा है।

आधुनिक व्यवसाय जो कम्प्यूटर और इन्टरनेट के सहयोग से किया जाता है ‘ई-बिजनेस’ (E-Business) कहलाता है। इसके बारे में ‘ई-कॉमर्स’ (E-Commerce) के अन्तर्गत विस्तार से सीखा जा सकता है।

व्यवसाय में कम्प्यूटर | Computer In Business – व्यापार में कम्प्यूटर का प्रयोग धन के आदान-प्रदान का लेखा-जोखा रखने के साथ-साथ स्टॉक का भी हिसाब-किताब कम्प्यूटर की सहायता से भी किया जा सकता है। इस कार्य के लिए प्रतिष्ठान अपनी आवश्यकता के अनुरूप सॉफ्टवेयर विकसित किए जा सकते हैं। इस कार्य के लिए बने-बनाए सॉफ्टवेयर्स भी बाजार में उपलब्ध हैं। अभी हमने कम्प्यूटर का व्यवसाय में उपयोग के बारे में जाना, परन्तु आजकल कम्प्यूटर को व्यवसाय के रूप में भी प्रयोग किया जा रहा है।

कम्प्यूटर ने सूचना को विक्रय योग्य एवं उपयोगी वस्तु बना दिया है जिससे घर में चलाए जा सकने वाले व्यवसायों का उदय हुआ है।  साइबर कैफे, जिनमें इन्टरनेट पर कार्य करने के लिए लोगों को सुविधा प्रदान की जाती है तथा डेस्क टॉप पब्लिशिंग, जिसमें पुस्तक प्रकाशन से लेकर वेब प्रकाशन का कार्य आता है, आदि इसी प्रकार के व्यवसाय हैं।पुस्तक प्रकाशन का कार्य कम्प्यूटर के प्रयोग से पहले जटिल कार्य था। पहले छपाई के लिए कम्पोजिंग का कार्य, मनुष्यों द्वारा एक-एक अक्षर को उठाकर खांचे में बिठाकर किया जाता था, जो कि समय तो अधिक लेता ही था, साथ ही इसमें त्रुटियों की सम्भावना अधिक होती थी।

अब कम्पोजिंग का कार्य कम्प्यूटर की सहायता से किया जाता है, इससे कम समय में कार्य हो जाता है और पुस्तक के प्रिन्ट होने से पूर्व एक प्रिन्ट उपलब्ध होता है, जिसमें कोई भी सुधार बिना इसके मूल रूप को छेड़े किया जा सकता है। इस प्रकार इसमें त्रुटियों की सम्भावना भी नगण्य ही होती है। आजकल विभिन्न सूचनाएं जैसे कि परीक्षा परिणाम, नए पाठ्यक्रमों की जानकारी, समाचार, आदि इन्टरनेट पर ही उपलब्ध हैं, अभी कम्प्यूटर प्रत्येक घर में नहीं पहुंचा है, अतः इस सुविधा को उपलब्ध कराने का कार्य साइबर कैफे में होता है।

यहां पर इन्टरनेट से जुड़े अनेक कम्प्यूटर्स स्थित होते हैं, जिन पर कोई भी व्यक्ति एक निश्चित शुल्क देकर कुछ समय के लिए कम्प्यूटर का प्रयोग कर सकता है और वांछित सूचना इन्टरनेट से प्राप्त कर सकता है। आजकल सूचनाओं को तेजी से भेजने एवं प्राप्त करने के लिए भी कम्प्यूटर का प्रयोग होता है। यह कार्य ई-मेल के द्वारा होता है। साइबर कैफे में ई-मेल भेजने तथा ई-मेल को देखने का कार्य भी किया जाता है।

चिकित्सा में कम्प्यूटर | Computer In Medicine – आधुनिक चिकित्सा में कम्प्यूटर का वृहद् उपयोग है। पहले जिन बीमारियों का इलाज उनका सही पता न लगने के कारण नहीं हो पाता था, अब कम्प्यूटराइज्ड उपकरणों की सहायता से उनका सही समय पर पता लगाकर उचित इलाज हो जाता है। चिकित्सा के क्षेत्र में कम्प्यूटर असिस्टेड डाइग्नोसिस (Computer Assisted Diagnosis) एक ऐसी सुविधा है जिसमें कम्प्यूटर हार्डवेयर अथवा सॉफ्टवेयर, चिकित्सकों को रोगियों के परीक्षण में सहायता करते हैं।

रोगी के लक्षणों को कम्प्यूटर में इनपुट (Input) किया जाता है और सॉफ्टवेयर रोगी के लक्षणों की तुलना अब तक के पिछले रोगियों के कम्प्यूटर में संग्रहीत लक्षणों व रोगों से करके रोग का पता लगाते हैं। इसी प्रकार कम्प्यूटर टोमोग्राफी (Computer Tomography) एक ऐसी सुविधा है, जिसमें कैट स्कैनिंग (CAT Scanning) की जाती है। इसमें X-Rays, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मिलकर रोगी के आन्तरिक अंगों का त्रि-विमीय (Three Dimensional) चित्र तैयार करते हैं।

इस चित्र की सहायता से रोगी के रोग की अधिक शुद्धता से जाँच की जा सकती है। कम्प्यूटराइज्ड लाइफ सपोर्ट प्रणाली (Computerized Life-Support Systems) कम्प्यूटर द्वारा ही संचालित एक ऐसी नर्सिंग (Nursing) सहायता है, जिससे गम्भीर अवस्था में रोगी का लगातार प्रेक्षण किया जाता है और रोगी की हृदयगति, तापमान और रक्तचाप में  प्राणघातक बदलाव को अलार्म (Alarm) से सूचित किया जाता है। इसी कारण अब मनुष्य की औसत आयु में वृद्धि हुई है।

विज्ञान में कम्प्यूटर | Computer in Science – आधुनिक विज्ञान की रिसर्च में कम्प्यूटर का बहुतायत में प्रयोग होता है। भले ही वह अन्तरिक्ष विज्ञान हो, जन्तु विज्ञान हो, रसायन विज्ञान हो या फिर मौसम विज्ञान अर्थात् विज्ञान की कोई भी शाखा क्यों न हो?

खगोल विज्ञान में कम्प्यूटर | Computer In Astronomy –मानव सभ्यता के प्रारम्भिक काल में खगोल शास्त्र द्वारा ही सूर्य व चन्द्रमा की गतिविधियों की गणना करके ही मौसमों की अवधियों का अनुमान लगाया जाता था। इससे ग्रहण का समय लगभग ठीक बताया जा सकता था। आज कम्प्यूटर ने इस प्रकार की गणना को एक नई दिशा दी है।

मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं

आज कम्प्यूटर का प्रयोग खगोल विज्ञान के पारम्परिक कार्यों को करने के लिए किया जा रहा है, जैसे- Gregorian तथा Julian तिथियों का पारस्परिक परिवर्तन, स्थानीय समय तथा वास्तविक समय की गणना, सूर्योदय व चन्द्रोदय के सही समय की गणना आदि। कम्प्यूटर की सहायता से किसी भी समय नक्षत्रों
की सही स्थिति पल भर में ही बताई जा सकती है।


मौसम विज्ञान में कम्प्यूटर | Computer In Meteorology – मौसम का अनुमान लगाने के लिए, मौसम की स्थिति के डेटा (Data) को कम्प्यूटर में इनपुट (Input) किया जाता है, अब कम्प्यूटर में स्थित सॉफ्टवेयर मौसम के बारे में जानकारियों, जो कि कम्प्यूटर में पहले से इनपुट की गई होती हैं, से वर्तमान डेटा की तुलना करके, इसके आधार पर मौसम में होने वाले परिवर्तन को दर्शाता है।


अन्तरिक्ष विज्ञान में कम्प्यूटर | Computer In Space Science –अन्तरिक्ष विज्ञान में कम्प्यूटर के हस्तक्षेप को नकारा नहीं जा सकता। मानव का चन्द्रमा पर कदम कम्प्यूटर के कारण ही पड़ सका है। अतितीव्र गति से त्रुटिहीन गणनाएं करना एवं इनके आधार पर अपना मार्ग निर्धारित करना रॉकेट के लिए कम्प्यूटर की सहायता से ही सम्भव हो पाया है। कम्प्यूटर की सहायता से ही आज मानव चन्द्रमा ही नहीं मंगल व शुक्र ग्रह पर भी पहुंचने का स्वप्न देख रहा है। मानव जीवन में कम्प्यूटर के उपयोग एवं सीमाएं आज पृथ्वी के चारों ओर जो अनेक कृत्रिम उपग्रह परिक्रमा कर रहे हैं, यह भी कम्प्यूटर के प्रयोग से ही सम्भव हो पाया है।

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