Wednesday, May 29, 2024

ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सिस्टम वी. बी. डॉट नेट पार्ट-4 | Object Oriented Programming – Best Info

ऑब्जेक्ट ओरिएंडेड प्रोग्रामिंग क्या है एवं विशेषताएं | ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सिस्टम वी. बी. डॉट नेट | ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग के फायदे | Object Oriented Programming In Hindi

ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सिस्टम परिचय (Introduction)वी०वी० डॉट नेट के बारे में यह कहा जाता है कि यह सम्पूर्ण ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है। ऐसा दावा शत प्रतिशत प्रदत्त प्रोग्रामिंग के सभी कसौटी पर वी. बी. डॉट नेट खड़ा उतरता है। इस अध्याय में हम आपको इसके ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड सही है। वी. बी. डॉट नेट में वह सारी चीजें हैं, जो एक ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड भाषा में होनी चाहिए। बल्कि मैं यह कहूँ कि ऑब्जेक्ट प्रोग्रामिंग भाषा होने से संबंधित बातें बताने जा रहा हूँ।

इस पार्ट-4 में हम जानेगे :- नेमस्पेस (Namespace), Imports का उपयोग करना (Using Imports), कंस्ट्रक्टर (Constructor), डिस्ट्रक्टर (Destructor) 

नेमस्पेस (Namespace)

प्रोग्रामिंग के पूर्व के दिनों में एक ही नाम के वेरियेबल त्रुटि अथवा अन्य समस्याओं के लिए एक साधारण स्रोत थे। Name या Address जैसे समान शब्दों को वेरियेबल नाम के रूप में उपयोग करना खासकर खतरनाक था। प्रोग्रामर इस समस्या से निबटने के लिए वेरियेबल के नाम के पहले या बाद में कुछ जोड देते थे।

आधुनिक प्रोग्रामिंग भाषाएँ इस तरह की समस्या से कम ग्रस्त हैं। ऑब्जेक्ट की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है। क्यों अधिकत वेरियेबल ऑब्जेक्ट के नाम के साथ ही जाने जाते हैं। उदाहरण के लिए, Student. Name तथा Student.Addres Student क्लास के साथ वेरियेबल Name तथा Address रेफर किये जा रहे हैं। परन्तु यदि माइक्रोसॉफ्ट Student नाम क्लास डॉट नेट फ्रेमवर्क में जोड़ देता है, तो या फिर आप कोई तृतीय पक्ष लायब्रेरी इंस्टॉल करते हैं जिससे Student क्लास उपलब्ध है तो? उसी समस्या के समाधान के लिए नेमस्पेस है।

नेमस्पेस मात्र एक कनटेनर है, जो क्लासों को एक साथ एक अलग पहचान देकर रखता है। उदाहण के तौर पर चित्र में तीन कनटेनर हैं।

तीनों कनटेनर में Student क्लास कॉमन है। अब Container 1. Student, Container 2. Student, Container 3. Student के साथ ही इनके वेरियेबल भी अलग कर सकते हैं। इस प्रकार-
Container 1. Student Name
Container 2. Student Name
Container 3. Student Name

विजुअल बेसिक डॉट नेट प्रोजेक्ट में एक मूल नेमस्पेस होता है, जो बाई डिफोल्ट प्रोजेक्ट का नाम होता है। यदि Student क्लास TECHS HINDI नामक प्रोजेक्ट में है, तो आप इसे TECHS_HINDI Studnet से रेफर कर सकते हैं।

1- नेमस्पेस बनाना (Creating A Namespace)– आप नेमस्पेस इस सामान्य प्रारूप के आधार पर बना सकते हैं। नेमस्पेस बनाने में मॉड्यूल या फंक्शन की तरह ही दो स्टेटमेण्ट का होना आवश्यक होता है। तथा बाकी कोड उन दोनों स्टेटमेण्ट के बीच में रखते हैं। इसका प्रारूप इस प्रकार है-
Namespace <name of the namespace>
Class <ClassName>
——-
End Class
End Namespace

उदाहरणार्थ :
Namespace Namespace1
Class Student
End Class
End Namespace

ऐसा करने के बाद Student को Namespace1. Student ALISHA_TECHNOLOGIES. Namespace1.Student से रेफर कर सकते हैं | आप एक ही नेमस्पेस को एक से अधिक क्लास में एक से अधिक क्लासों को एक साथ ग्रुप करने में कर सकते हैं।

2- नेमस्पेस को कॉल करना (Calling A Namespace) – नेमस्पेस को किसी प्रोजेक्ट से कॉल करने के लिए Imports की-वर्ड का प्रयोग होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने प्रोजेक्ट में Mynamespace1 को कॉल करना चाहते हैं, ताकि उसके क्लास का उपयोग हो सके, तो आप यह इस प्रकार कर सकते हैं-
Imports TECHS_HINDI. Mynamespace1

हालांकि यह आवश्यक नहीं कि आप इम्पोर्ट करें ही। लेकिन इसके लिए कुछ अधिक कोड लिखना होगा, जो समझदारी नहीं है। 

यह भी देखें :  लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर खरीदने से पहले जानने योग्य बातें | Best Things to Know Before Buying a Laptop or Desktop Computer

ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सिस्टम हिंदी में | ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है? | Procedure Oriented Programming

ऑब्जेक्ट ओरिएंडेड प्रोग्रामिंग क्या है एवं विशेषताएं | ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सिस्टम वी. बी. डॉट नेट | ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग के फायदे | Object Oriented Programming In Hindi
ऑब्जेक्ट ओरिएंडेड प्रोग्रामिंग क्या है एवं विशेषताएं | ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सिस्टम वी. बी. डॉट नेट | ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग के फायदे | Object Oriented Programming In Hindi

Imports का उपयोग करना (Using Imports)

जैसाकि पीछे बताया कि Imports का उपयोग हम नेमस्पेस को अपने प्रोजेक्ट में कॉल करने के लिए करते हैं। Importaस्टेट फाइल के शुरू में डिक्लेयरेशन से पहले होता है। इसका अर्थ यह है कि एक खास नेमस्पेस के अंदर कोई क्लास या अन्य टाइप बगैर इसका पूरा नाम दिए हुए स्वत: ही पाया जाता है उदाहरण के लिए-
Imports TECHS_HINDI Namespace1
स्टेटमेंट देने के बाद Book 1 Book

कंस्ट्रक्टर (Constructor)

कंस्ट्रक्टर एक विशेष सदस्य फंक्शन है जिसका कार्य क्लास के ऑब्जेक्ट को इनिशिअलाइज (initialize) करना है। यह पहला मेथड होता है जो किसी टाइप का इंस्टैन्स बनने पर रन होता है। जब जब संबंधित क्लास का ऑब्जेक्ट बनता है कंस्ट्रक्टर इन्वोक होता है। यदि किसी क्लास में कंस्ट्रक्टर उपस्थित है तब तो क्लास के द्वारा बनाया गया ऑब्जेक्ट स्वतः इनिशिअलाइज हो जायगा।

ऑब्जेक्ट बनाते समय हम कंस्ट्रक्ट को डाटा पास करने के लिए क्लास के नाम के बाद पैरेनथेसिस (parentheses) में उस कंस्ट्रक्टर को डाटा पास करते हैं। कंस्ट्रक्टर कभी भी मान नहीं लौटा सकता है परन्तु इसे कस्टम इनिशिअलाइजेशन फंक्शनैलिटि प्रदान करने हेतु ओवरराइड (override) किया जा सकता है। वी. बी. डॉट नेट में हम कंस्ट्रक्टर बनाने के लिए क्लास में New नाम का एक सब प्रोसीजर जोड़ते हैं।

बी. बी. डॉट नेट के नये प्रोग्रामर कंस्ट्रक्टर पर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। वे ऐसा इसलिए भी समझते हैं क्योंकि क्लास बगैर कंस्ट्रक्टर के भी कार्य करने के योग्य होता है। तथा कुछ डॉट नेट प्रोग्रामर कंस्ट्रक्टर को केवल एक प्रकार का मेथड मात्र समझते है जो बिल्कुल सही नहीं है।

क्लास से किसी ऑब्जेक्ट का निर्माण के लिए क्लास को कंस्ट्रक्टर की आवश्यकता होती है। एक दृष्टि में कंस्ट्रक्टर मेथड की तरह ही दिखता है। किन्तु कंस्ट्रक्टर का मूल उद्देश्य क्लास के इंस्टैन्स का निर्माण करना है। कंस्ट्रक्टर के मुख्य फीचर इस प्रकार हैं-

  1. कंस्ट्रक्टर को हमेशा सब प्रॉसीजर के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसलिए इसका कोई रिटर्न मान नहीं होता है।
  2. क्लास का नाम चाहे कोई भी हो वी. बी. डॉट में कंस्ट्रक्टर New ही से संबोधित होता है।
  3. कंस्ट्रक्टर कोई भी एक्सेस मॉडिफायर यथा Public, Protected, Friend, Private रख सकता है।
  4. अधिकतर स्थितियों में कंस्ट्रक्टर Public एक्सेस मॉडिफायर ही रखता है।
  5. एक क्लास में कई कंस्ट्रक्टर हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए Employee नाम का एक क्लास लिखते हैं। इसका कोड इस प्रकार है-
Public Class Employee
Public Sub Work()
System.Console.WriteLine(“I am working.”)
End Sub
End Class 

New कीवर्ड  का उपयोग कर Employee टाइम का एक(instantiate) कर सकते हैं। इस प्रकार –
Dim employee As Employee
employee New Employee()
employee. Work()

उपरोक्त कोड में Employee क्लास परिभाषा में Work मेथड के अतिरिक्त कुछ नहीं है। फिर भी आप Employee ऑब्जेक्ट बना सकते हैं। यह मेरे पिछले स्टेटमेण्ट से मेल नहीं खाता क्योंकि पिछले स्टेटमेण्ट के अनुसार आपको क्लास का ऑब्जेक्ट बनाने के लिए कंस्ट्रक्टर की आवश्यकता होती है। यहाँ होता यह है कि बी. बी. कम्पाइलर जब क्लास को रन करता है तब यह कंस्ट्रक्टर की उपस्थिति की जाँच करता है।

यदि यह क्लास के अंदर कंस्ट्रक्टर नहीं पाता है तो स्वतः ही एक आर्ग्यूमेण्ट रहित (no argument) कस्ट्रक्टर क्लास में जोड़ देता है। इसीलिए पिछला Employee क्लास की कोडिंग इस कोडिंग के बराबर है-

Public Class Employee
Public Class New (0
End Sub
Public Sub Work()
System.Console.WriteLine(“I am working”)
End Sub
End Class

किन्तु यदि क्लास में कंस्ट्रक्टर मौजूद है तथा इसमें आर्ग्यूमेण्ट हो अथवा न हो कम्पाइलर आर्ग्यूमेण्ट रहित कंस्ट्रक्टर नहीं जोड़ेगा। उदाहरण के लिए आप इस क्लास को देखें-
Public Class Employee
Sub New (By Val name As String)
End Sub
Public Sub Work()
System.Console.WriteLine(“I am working”)
End Sub
End Class

आप निम्नलिखित कोड का उपयोग कर Employee ऑब्जेक्ट नहीं बना सकते-
Dim employee As Employee
employee = New Employee()


क्योंकि अब Employee क्लास में कोई आर्ग्यूमेण्ट रहित कंस्ट्रक्टर नहीं है। वी. बी. में कंस्ट्रक्टर को Sub के रूप में डिक्लेअर होना चाहिए तथा अधिकतर स्थितियों में इसका एक्सेस मॉडिफायर Public होता है। परन्तु कंस्ट्रक्टर में Protected, Private, Friend या डिफॉल्ट मॉडिफायर भी हो सकता है।

यह भी देखें :  कम्प्यूटर जनरेशन क्या है - कम्प्यूटर की पीढ़ियाँ | Generations of Computers – Best Info In Hindi

डिस्ट्रक्टर (Destructor)

डिस्ट्रक्टर या फाइनलाइजर क्लास के द्वारा रन किया जाने वाला अंतिम मेथड होता है। डिस्ट्रक्टर के अंदर आप उपयोग रहित जिनका उपयोग होना अब शेष नहीं है को समाप्त करने के लिए कोड रख सकते हैं। विजुअल बेसिक डॉट नेट में इसके लिए Finalize मेथड का उपयोग होता है। Finalize मेथड स्वतः ही कॉल होता है जब वी. बी. डॉट नेट रनटाइम है। यह समझता कि अब इस ऑब्जेक्ट की आवश्यकता नहीं है।

डिस्ट्रक्टर्स के साथ कार्य करते समय हमें Finalize मेथड के साथ Overrides कीवर्ड की आवश्यकता होती है क्योंकि हम ऑब्जेक्ट क्लास में बने Finalize मेथड को ओवरराइड करेंगे। हम सामान्यत: Finalize मेथड का उपयोग संसाधनों को मुक्त करने तथा अन्य ऑब्जेक्ट को यह बताने के लिए कि वर्तमान ऑब्जेक्ट समाप्त होने जा रहा है के लिए करते हैं। निम्नलिखित कोड Pinalize मेयड के उपयोग को दर्शाता है –

Module Module 1
Sub Main()

Dim obj As New Destructor()
End Sub
End Module
Public Class Destructor()
Protected Overrides Sub Finalize()
Wiite (“hello”)
Read()
End Sub End Class

आपने इस पूरे पार्ट 1 से 4 तक में क्या सीखा (What Did You Learn Today)

  • वी. बी. डॉट नेट के बारे में यह कहा जाता है कि यह सम्पूर्ण ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है। ऐसा दावा शत प्रतिशत सही है। वी. बी. डॉट नेट में वह सारी चीजें हैं, जो एक ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड भाषा में होनी चाहिए।
  • ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग में आप डाटा को उसी तरह व्यवस्थित करते हैं जिस प्रकार किसी नर्सरी में उस का प्रबंधक विभिन्न प्रकार के पौधों को सजाकर रखता है।
  • ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग में डाटा ऑब्जेक्ट की भांति होते हैं तथा इसका प्राथमिक फोकस प्रोसीजर के बजाय डाटा पर होता है। डाटा को सिस्टम में स्वतंत्रता के साथ विचरित नहीं किया जा सकता है किन्तु यह बहुत निकटता से फंक्शन के साथ जुड़ा होता है।
  • ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग पैराडाइम (Paradigm) में प्रोग्राम निकायों (entities) में विभाजित होते हैं जिन्हें ऑब्जेक्ट कहते हैं।
  • ऑब्जेक्ट वास्तविक दुनिया एन्टिटि (Entity) का ऐबस्ट्रैक्शन (abstraction) होता है। यह किसी व्यक्ति, किसी स्थान, कोई संख्या, कोई आइकन, कोई विण्डो, किसी ब्राउजर, किसी सूची, वेक्टर या ऐसी किसी चीज को जिसे प्रतिरूपित (model) किया जा सकता हो को इंगित करता है।
  • प्रत्येक डाटा एक ऑब्जेक्ट होता है। यहाँ तक कि प्रयोक्ता परिभाषित डाटा टाइप को भी ऑब्जेक्ट के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
  • क्लास समान फीचर वाले ऑब्जेकट का एक संकलन होता है। हम कह सकते हैं कि क्लास एक तरह के ऑब्जेक्ट का विवरण होता है, जो इतने समान होते हैं कि वे बिल्कुल समान तरीके से व्यवहार करते हैं।
  • क्लास यूजर परिभाषित डाटा टाइप होता है, जो डाटा को मनिप्यूलेट करने वाले डाटा सदस्यों तथा फंक्शनों को रखता है। क्लास के एक बार परिभाषित होने के बाद यह संभव होता है कि उस क्लास के लिए जितना ऑब्जेक्ट चाहे बना लें। प्रत्येक ऑब्जेक्ट को उस क्लास का इंस्टैन्स (instance) कहा जाता है।
  • ऐब्स्ट्रेक्शन ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग का एक आवश्यक अवयव है। यह सिस्टम से विवरण (details) या ब्योरे (explanations) को अलग करने का नाम है, ताकि आवश्यकताओं को समझने की जटिलता कम हो सके। अर्थात् बैकग्राउण्ड ब्योरे को शामिल किये बगैर आवश्यक फीचरों को व्यक्त किया जा सके। 
  • एनकैप्सुलेशन वह विधि है, जो डाटा तथा फंक्शनों को एक साथ कैप्सूल या पैक में रखता है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता से ऑब्जेक्ट के कार्यान्वयन ब्योरे (implementation details) को छिपाना होता है।
  • एनकैप्सुलेशन का सबसे बढ़िया उदाहरण वह कैप्सूल है जो आपने कभी बीमारी के समय लिया होगा या देखा होगा। कैप्सूल के अंदर क्या है वह बाहर से नहीं दिखता। कैप्सूल के अंदर की औषधि को हम डाटा तथा फंक्शन समझ सकते हैं।
  • इनहेरिटेन्स ऑब्जेक्ट के दो क्लासों के बीच का संबंध होता है। यह संबंध इस प्रकार होता है कि चाइल्ड क्लास पेरेन्ट क्लास के सभी प्रासंगिक फीचरों को प्राप्त कर ले। चाइल्ड को सब क्लास तथा पेरेण्ट क्लास को सुपर क्लास कहा जाता है।
  • डाटा ऐब्स्ट्रैक्शन वस्तुतः डाटा एनकैप्सुलेशन का दूसरा मेनिफेस्टेशन (manifestation) है। पुनकैप्सुलेटेड सामान्य व्यू से छिपे होते हैं, परन्तु एक ही क्लास के फंक्शनों को दृश्य (visible) होते हैं।
  • इनहेरिटेन्स एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक क्लास (चाइल्ड अथव व्युत्पन्न क्लास) किसी दूसरे क्लास (पैरेंट अथवा आधार क्लास) के प्रॉपर्टी, मेथड तथा इवेण्ट को इनहेरिट करता है। चाइल्ड क्लास अपने प्रॉपटी, मेथड तथा इवेंट को एक्सेस करने के अतिरिक्त पेरेण्ट क्लास के भी प्रॉपर्टी, मेथड तथा इवेण्ट को एक्सेस कर सकता है।
  • पेरेण्ट क्लास तथा इसके व्युत्पन्न क्लास के पूरे संकलन को हायरैरकि (hierarchy) कहते हैं।
  • इनहेरिटेन्स के उपयोग करने के दो लाभ हैं। पहला, तो यह है कि इससे दो या अधिक क्लास एक दूसरे से भिन्न होने के बावजूद कुछ समान फीचरों को शेयर कर पाता है। दूसरा यह कि इससे एक ही कोड को पुन: उपयोग में लाया जा सकता है। जिसे हम कोड रियूजेबिलिटी (Code Reusability) कहते हैं।
  • पॉलिमॉरफिजम का शाब्दिक अर्थ बहुरूपी अर्थात कई रूपों वाला होता है। कहने का तात्पर्य यह है कि उपस में एक ही एनटिटि के कई रूप हो सकते हैं।
  • विजुअल बेसिक पाँच एक्सेस स्पेसिफायर यथा Public, Private, Protected, Friend तथा Protected Friend उपलब्ध कराता है।
  • एक्सेस स्पेसिफायर किसी ऑब्जेक्ट तथा इसके सदस्यों की एक्सेसिबिलिटी के स्कोप का वर्णन करता है। हम एक्सेस स्पेसिफायर का उपयोग कर क्लास के मेम्बर ऑब्जेक्ट के स्कोप को नियंत्रित कर सकते हैं। हम एक्सेस स्पेसिफायर का उपयोग अपने एप्लिकेशन के डाटा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से करते हैं।
  • Public स्पेसिफायर डॉट नेट का सबसे सामान्य एक्सेस स्पेसिफायर है। इसे कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है। अर्थात् इसकी एक्सेसिबिलिटी (accessibility) पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है।
  • Protected की-वर्ड डिक्लेअरेशन स्टेटमेण्ट में यह स्पष्ट करता है कि अवयव केवल उसी क्लास के अंदर या उस क्लास के व्युत्पन्न क्लास से ही केवल एक्सेसिबल होता है।
  • Friend की-वर्ड का उपयोग डिक्लेअरेशन स्टेटमेण्ट में यह बताता है कि अवयव केवल समान असेम्बली के अंदर ही एक्सेसिबल है। इन्हें असेम्बली के बाहर से एक्सेस नहीं किया जा सकता है।
  • आप किसी डिक्लेअरेशन स्टेटमेण्ट में एक साथ Protected तथा Friend दोनों एक्सेस स्पेसिफायर का उपयोग कर सकते हैं। दोनों की-वर्ड का उपयोग यह बताता है कि अवयव या तो व्युत्पन्न क्लास से या फिर समान असेम्बली से एक्सेसिबल होते हैं।
  • डिक्लेअरेशन स्टेटमेण्ट में Private की-वर्ड स्पष्ट करता है कि अवयव केवल मॉड्यूल, क्लास या स्ट्रक्चर से एक्सेसिबल हो।
  • वी. बी. डॉट नेट में प्रॉपर्टी कुछ नहीं केवल डाटा फील्ड्स का प्राकृतिक विस्तारण (natural extension) मात्र है। वे आमतौर पर वी. बी. डॉट नेट कम्युनिटि में स्मार्ट फील्ड (smart fields) के नाम से जाने जाते हैं।
  • वी. बी. डॉट नेट स्टैटिक प्रॉपर्टी को सपोर्ट करता है जो क्लास के ऑब्जेक्ट से नहीं बल्कि क्लास से संबंधित होता है। स्टैटिक मेम्बर पर लागू होने वाले सभी नियम स्टैटिक प्रॉपर्टी पर भी लागू होते हैं। 
  • My Base कीवर्ड का उपयोग क्लास के वर्तमान ऑब्जेक्ट के मूल आधार क्लास को इंगित करने के लिए होता है। उदाहरण के लिए यदि Class2 Class1 से इन्हेरिट होता है तो class1 class2 का आधार क्लास कहा जाता तथा class 2 class 1 के व्युत्पन्न क्लास कहलाता है। Class1 के रेफरेंस class2 के कोड MyBase कीवर्ड की सहायता से दिया जाता है।
  • कंस्ट्रक्टर एक विशेष सदस्य फंक्शन है जिसका कार्य क्लास के ऑब्जेक्ट को इनिशिअलाइज (initialize) करना है। यह पहला मेथड होता है जो किसी टाइप का इंस्टैन्स बनने पर रन होता है।
  • कंस्ट्रक्टर को हमेशा सब प्रॉसीजर के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसलिए इसका कोई रिटर्न मान नहीं होता है।
  • क्लास का नाम चाहे कोई भी हो वी. बी. डॉट में कंस्ट्रक्टर New ही से संबोधित होता है।
  • डिस्ट्रक्टर या फाइनलाइजर क्लास के द्वारा रन किया जाने वाला अंतिम मेथड होता है। डिस्ट्रक्टर के अंदर आप उपयोग रहित जिनका उपयोग होना अब शेष नहीं है को समाप्त करने के लिए कोड रख सकते हैं।
  • ओवरलोडिंग वी. बी. डॉट नेट का एक बहुत ही बढ़िया फीचर है जिसकी वी. बी. 6.0 में कमी थी। इसकी सहायता से आप एक ही मेथड के कई संस्करण बना सकते हैं। मेथड के नाम तो एक ही होते हैं परन्तु उसके आर्ग्यूमेण्ट सूची (argument list) अलग अलग होते हैं।
  • Overridable की-वर्ड का प्रयोग उन पेरेण्ट मेथड को असाइन करने से होते हैं, जो ओवररारड किए जाते हैं तथा Overrides की-वर्ड का उपयोग उन चाइल्ड मेथडों को असाइन करने में होता है, जो ओवरराइडिंग कर रहे हैं।
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Suraj Kushwaha
Suraj Kushwahahttp://techshindi.com
हैलो दोस्तों, मेरा नाम सूरज कुशवाहा है मै यह ब्लॉग मुख्य रूप से हिंदी में पाठकों को विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर टेक्नोलॉजी पर आधारित दिलचस्प पाठ्य सामग्री प्रदान करने के लिए बनाया है।

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